सांस्कृतिक संरक्षण
हमारी वेदिक जड़ों और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना।
अधिक जानें →विक्रम संवत 1965 (1908 ईस्वी) में मथुरा में स्थापित यह महासभा आज विश्वभर में खाण्डल विप्र परिवारों का एकमात्र राष्ट्रीय मंच है।
संस्कृति, एकता और शिक्षा — यही हमारी पहचान और हमारा संकल्प है।
हमारी वेदिक जड़ों और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना।
अधिक जानें →विश्वभर में फैले परिवारों के बीच संवाद और सहयोग की मजबूत कड़ी बनाना।
अधिक जानें →युवाओं को प्रेरणा, मार्गदर्शन और छात्रवृत्ति के जरिए आगे बढ़ाना।
अधिक जानें →महासभा कार्यकारिणी समिति सामूहिक निर्णय, स्थानीय प्रतिनिधित्व और आगामी योजनाओं के लिए उत्तरदायी एवं प्रतिबद्ध है।
समाज की दीर्घकालिक योजना, कार्यक्रम और आश्रम संचालन पर मार्गदर्शन।
सदस्यता, संपर्क और समिति गतिविधियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी।
वित्तीय पारदर्शिता, दान और निधि उपयोग सुनिश्चित करते हैं।
स्थानीय समितियों और कार्यक्रम टीमों के बीच समन्वय बनाए रखते हैं।
हितैषी पत्रिका अखिल भारतीय खाण्डल विप्र महासभा का मुखपत्र है एवं इसके द्वारा समाज को जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
खाण्डल विप्र युवा प्रकोष्ठ द्वारा तीन दिवसीय युवा नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 12-14 जुलाई 2026 को उदयपुर में किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंमहासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की त्रैमासिक बैठक दिनांक 28 जून 2026 को जयपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक में वार्षिक बजट और कार्यक्रमों की समीक्षा होगी।
पूरा पढ़ेंअखिल भारतवर्षीय श्री खाण्डल विप्र महासभा का वार्षिक पुष्कर सत्संग सम्मेलन दिनांक 15 मई 2026 को भारद्वाज आश्रम, पुष्कर में आयोजित किया जाएगा।
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